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Friday, December 10, 2010

व्यक्ति और व्यक्ति के बीच भेद कैसा

यदि भारतीय राजदूत मीरा शंकर के साथ अमेरिका के सुरक्षा कर्मियों द्वारा हाथ से ली जाने वाली तलाशी गलत है तो हमारे और आपके साथ मल्टीप्लेक्सों   के सुरक्षा कर्मियों  द्वारा हाथ से ली जाने वाली तलाशी क्या गलत नहीं है.आपकी क्या राय है.?  

1 comment:

ANIRUDDH DWIVEDI said...

'हिंदुस्तान' के संपादक ने लिखा है कि "इस प्रकरण में यह भी ध्यान रखने लायक तथ्य है कि इस तरह कि तलाशी बंद कमरे में ली जानी चाहिए और सुरक्षा अधिकारियों ने सबकी नजरों के सामने ऐसा किया.अगर मीरा शंकर राजदूत न होतीं तो भी यह किसी महिला के साथ अपमान जनक सुलुक है."