व्यक्ति और व्यक्ति के बीच भेद कैसा
यदि भारतीय राजदूत मीरा शंकर के साथ अमेरिका के सुरक्षा कर्मियों द्वारा हाथ से ली जाने वाली तलाशी गलत है तो हमारे और आपके साथ मल्टीप्लेक्सों के सुरक्षा कर्मियों द्वारा हाथ से ली जाने वाली तलाशी क्या गलत नहीं है.आपकी क्या राय है.?
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'हिंदुस्तान' के संपादक ने लिखा है कि "इस प्रकरण में यह भी ध्यान रखने लायक तथ्य है कि इस तरह कि तलाशी बंद कमरे में ली जानी चाहिए और सुरक्षा अधिकारियों ने सबकी नजरों के सामने ऐसा किया.अगर मीरा शंकर राजदूत न होतीं तो भी यह किसी महिला के साथ अपमान जनक सुलुक है."
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