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Tuesday, December 07, 2010

'शेखर एक जीवनी

"शेखर कोई बड़ा आदमी नहीं है ,वह अच्छा  आदमी भी नहीं है.लेकिन वह मानवता  के सन्चित अनुभव के प्रकाश में ईमानदारी  से  अपने को पहचानने की कोशिश कर रहा है.वह अच्छा संगी नहीं भी हो सकता है,लेकिन उसके अंत तक उसके साथ चलकर आपके उसके प्रति  भाव कठोर नहीं होंगें,ऐसा मुझे विश्वाश है.और, कौन जाने ,आज के युग में जब हम ,आप सभी संश्लिष्ट चरित्र हैं,तब आप पायें की आपके भीतर भी कहीं पर एक शेखर है,जो बड़ा नहीं,अच्छा भी नहीं,लेकिन जागरूक और स्वतंत्र और ईमानदार है,घोर ईमानदार ! " 'शेखर एक जीवनी   '      

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