Tuesday, December 21, 2010
भ्रष्टाचार के तंत्र में एक जगह हम किसी को लूटते हैं तो दूसरे जगह हमें कोई और लूटता है.एक तरीके से एक दुसरे को लुटने की खुली प्रतियोगिता चल रही है.जो जितना अधिक लूट पा रहा है वह उतना अधिक लूट रहा है. और हम सबसे अधिक भ्रष्ट को सबसे अधिक सम्मान देते हैं.क्या सोचते हैं आप?
वर्तमान में लोकतंत्र के सारे स्तम्भ दागदार हो गये हैं.लोकतंत्र के पांच स्तम्भ होते हैं--विधायिका,कार्यपालिका,न्यायपालिका,मीडिया और सिविल सोसाइटी(अर्थात हम और आप).काजल की कोठरी में सब काले हैं.2G स्पेक्ट्रम घोटाले में लोकतंत्र के ये सभी स्तम्भ अपने दागदार दामन के साथ एक साथ खड़े हैं.अब समय आ गया है कि एक दुसरे के ऊपर दोषारोपण करना छोड़कर,हम सभी एक साथ जागें,तभी कुछ बदलेगा .नहीं तो कुछ बदलने वाला नहीं है.जे.पी.सी. की मांग सिर्फ राजनीतिक मांग है.यह सच है.एक दुसरे को सिर्फ गलत सिद्ध करने के लिए.उत्तरप्रदेश के पंचायतों के चुनाव में हर कोई बिका और खरीदा.जनता ने शराब और मीट पी-खाकर वोट दिया.खिलाया-पिलाया प्रधान, बी.डी.सी. और जिला पंचायत सदस्यों ने.फिर ब्लाक प्रमुख के चुनाव में बी.डी.सी. सदस्यों ने मीट,मुर्गा,शराब खा-पीकर और पैसा ले कर वोट दिया.वही हाल जिला पंचायत सदस्यों का भी रहा.इन्होने भी मीट,मुर्गा,शराब खा-पीकर और पैसा लेकर वोट दिया.अब क्या होगा जानना चाहते हैं आप ?अब जो विकास के लिए पैसा आएगा उसको प्रधान,ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष खायेंगें.भष्टाचार के तंत्र में एक जगह हम किसी को लूटते हैं तो दुसरे जगह हमें कोई और लुटता है.एक तरीके से एक दुसरे को लुटने की खुली प्रतियोगिता चल रही है.जो जितना अधिक लूट पा रहा है वह उतना अधिक लूट रहा है. और हम सबसे अधिक भरष्ट को सबसे अधिक सम्मान देते हैं.क्या सोचते हैं आप?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment