। कुछ इसी आह्वान के साथ भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना हजारे की मुहिम अब अंबेडकरनगर में रंग दिखाने लगी है। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन आंदोलन के तीसरे दिन जागरूकता तेजी से फैलती दिखी। नतीजा रहा कि जहां जिला मुख्यालय पर अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहते हुए अन्ना के समर्थन में उपवास रखा, वहीं आलापुर में अधिवक्ताओं ने समर्थन में रैली निकाली। इस बीच बड़ी संख्या में बुद्धजीवियों ने आगे बढ़कर आंदोलन का समर्थन किया है। भ्रष्टाचार को लेकर अन्ना हजारे का समर्थन करने के लिए अब जनपदवासियों ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है। आंदोलन के प्रति समर्थन जताने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। पहले दिन टांडा में अधिवक्ताओं ने आंदोलन का समर्थन करने के लिए उपवास रखा, वहीं गुरुवार को जनपद न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहते हुए अन्ना हजारे का समर्थन किया। अधिक्ताओं ने कहा कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जो अभियान शुरू किया है, उसे अब अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने बाद में न्यायालय परिसर में उपवास भी रखा। इस दौरान बार अध्यक्ष सत्यप्रकाश वर्मा, मंत्री केडी मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता ताराकांत त्रिपाठी, शैलेंद्र मिश्र, इंद्रमणि शुक्ल, विनोद श्रीवास्तव व प्रेमप्रकाश त्रिपाठी मुख्य रूप से मौजूद रहे।सामाजिक कार्यकर्ता डा. रमाकांत मिश्र ने बताया कि वह लगातार एसएमएस द्वारा लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। व्यापारी नेता गोविंद अग्रवाल ने कहा कि यह एक ऐसी मुहिम है, जिसमें लोगों ने यदि आगे आने में देर की, तो उनके हाथ सिर्फ पछतावा ही आएगा। चिकित्सक डॉ. हैदर मेहंदी ने कहा कि यह जनक्रांति है। शुकुल बाजार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध द्विवेदी ने कहा कि सभी को जंतर मंतर तक पहुंचना चाहिए। यह ऐसा अवसर है, जो फिर शायद हाथ न आए। सामाजिक संस्था अल इमाम चैरिटेबिल फाउंडेशन चेयरमैन ख्वाजा शफाअत हुसैन ने गांधीवादी अन्ना हजारे के समर्थन में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।
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