माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार.
विषय: मनरेगा मजदूरों को देय बेरोजगारी भत्ते के सम्बन्ध में .
महोदय ,
उपरोक्त विषय में मुझे यह कहना है कि भारत में 1299099 दिनों का मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया गया है.जबकि नियमों के मुताबिक दे दिया जाना चाहिए था.नियमों में यह कहीं नहीं है कि जब मजदूरों द्वारा बेरोजगारी भत्ता जब मागा जायेगा तभी देय होगा.फिर भी राज्य सरकारों ने मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं किया है.इसका मतलब यह भी है कि तेरह लाख दिनों का रोजगार देने में राज्य सरकारें विफल रहीं हैं.इसका मतलब यह भी है कि इसकी मोनिटरिंग सही से नहीं हो रही है.बेरोजगारी भत्ते के नियमों के मुताबिक बेरोजगारी भत्ता जिस दिन से due होता है,उसके 15 दिनों के अन्दर भुगतान मजदुर को कर दिया जाना चाहिए.जबकि अप्रैल से अक्टूबर २०१० तक का बेरोजगारी भत्ता भुगतान नहीं किया गया है.
मनरेगा मजदूर वह लोग हैं,जिसे हमारी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था ने हाशिये पर रखा है.पहली गलती यह हुई कि उन्हें 13 लाख दिनों का रोजगार नहीं दिया गया.दूसरी यह कि उन्हें बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया गया.
रोजगार और बेरोजगारी भत्ते का भुगतान न करके उन्हें उनके जीने के अधिकार से वंचित किया गया है.28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों कि यह स्थिति है.लगभग सभी राजनीतिक दलों कि सरकारें हैं,लेकिन किसी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया है.
आंध्रप्रदेश सरकार कि तारीफ करनी होगी जहाँ एक दिन का भी बेरोजगारी भत्ता देय नहीं है.जबकि वह एक बड़ा राज्य है.
अनुरोध है कि कृपया मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता भुगतान करने का कष्ट करें.
धन्यवाद्
भवदीय
Aniruddh dwivedi
| Govt. of India Ministry of Rural Development Department of Rural Development |
| The Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act | Thursday, November 25, 2010 |
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